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Personal Branding | सेल्फ ब्रांडिंग से बनाए अपनी पहेचान

इस लेख में self branding, personal branding kya hai? पर्सनल ब्रांडिंग क्यों जरूरी है, self branding प्रचार पद्धति के बारेमे जानेंगे।
हेलो दोस्तो आज हम इस लेख में self branding, personal branding kya hai? पर्सनल ब्रांडिंग क्यों जरूरी है, self branding प्रचार पद्धति, सेल्फ ब्रांडिंग की ऑनलाइन रीत और इसकी जरूरियातो के बारेमे जानेंगे।

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किसीको पहेलीबार मिलने के बाद उस व्यक्ति के प्रति एक धारणा विकसित कर लेते है, व्यक्तित्व के कई खास गुण लोगो के मन पर छाप छोड़ जाते है, तो उस व्यक्ति की ब्रांड वैल्यू बन जाती है। कई कंपनिया या उत्पादनो उसके brand logo पर से ही पहेचान में आ जाते है। उसने अपनी गुणवत्ता के मापदंडों को ऊंचा रख के खुद की एक ब्रांड के तोर पर स्थापित किया होता है। ये सफलता कई सालो के अथाक प्रयत्नो और छोटी बड़ी सफलताओ का सकारात्मक परिणाम होता है। आज के युग में Personal Branding स्थापित करना आवश्यक है।

Personal Branding क्या है?

Personal Branding क्या है? इसके बारेमे बात करे तो, कई फिल्मों की स्टोरी में भले दम न हो, पर वो अपने बैनर, दिग्दर्शक, अभिनेता, अभिनेत्री या कोई आइटम सॉन्ग के नाम से चल जाति है। ऐसे ही हालात कई समाचार चैनल के न्यूज एंकर की भी होती है। कई ऐसे लेखक, पत्रकार भी है, जिसको अखबार या सामायिक के नाम से ज्यादा उसके अपने नाम से लोग ज्यादा पहेचानते है। ये बाबत Personal Branding के साथ जुड़ी हुई है। इस तरह के लोग अपने क्षेत्र में इतने स्थापित होते है की, इन लोगो को कोई भी पहेचान की जरूर होती नही। आप अभी से अपनी एक आगवी पहेचान अर्थात Self Branding बनाएंगे तो इसके बाद जिंदगीभर आपको आपके करियर में मुश्केलिया नही पड़ेगी। अपनी योग्यता और खूबियों को दुनिया के सामने लाना एक Personal Branding है। जिससे लोगो को ख्याल आ शेक की आप किस विषय, क्षेत्र में विशेषता धराते हो।

Personal Branding के लिए आजकी जरूरियाते क्या है?

सेल्फ ब्रांडिंग को पहले "खुद ही खुदकी जाहेरात करते है" ऐसा मानने में आता था, पर आज के स्पर्धात्मक युग में ऐसा कहेना रहा नही है। कम लोकप्रिय कंपनियों में कार्यरत कई लोग बड़ी ब्रांड के हिस्सा बनने के लिए प्रचार करते है। उसको ऐसा लगता है की, वहा काम करने से उनका अनुभव उनके काम को नई ऊंचाई पर ले जायेगा। ये विचारधारा सच भी है, पर इसका मतलब ये नहीं की, छोटी कंपनियों में कार्यरत लोग अपने आप को स्थापित ही नहीं कर सकते। कई नए कलाकार अपनी पहेली रचना, कृति या अपना पहले प्रदर्शन से अच्छा सारा नाम कमा लेते है।

कोई खास कंपनी का हिस्सा बनने से ही आप लोकप्रिय नहीं बन जाते, आपकी प्रसिद्धि के लिए ये बहोत जरूरी है की आप सक्रियता से कार्य करे और इसके द्वारा अपने क्षेत्र में नाम हासिल करे। जो लोग अपने आसपास रहते है, आपके कार्यक्षेत्र के साथ जुड़े हुए है, उसको अपनी खुबिया और काम काज के बारेमे बताते रहो, अपने काम के बारेमे बताने से उसका फायदा लंबे समय पर अवश्य मिलता हैं।

सेल्फ ब्रांडिंग की सरल रीत ऑनलाइन

अलग अलग सोशियल साइट्स पर सक्रिय रहने से Self Branding होती है। सोशियल साइट्स पर हरेक क्षेत्र में कई समूह बने है, जिसमे आप आपके विचार, कार्यों को प्रदर्शित कर सकते हो। इस साइट्स पर आप अपने काम की बाते शेर करने के साथ सूचना मांग सकते हो। वहा आपको आपके जैसे दूसरे लोग भी मिलेंगे, जो लोग आपको उत्साह बढ़ाने के साथ साथ कार्य पद्धति को ज्यादा बेहतर बनाने के लिए नई पद्धति भी बताएंगे और जरूरी सलाह सूचना भी देंगे। वोह अपने कामकाज के प्रति अन्य के साथ चर्चा भी करेंगे या इसके बाद वोह अपने साथ काम करने का अवसर भी प्रदान कर सकते है। रचनात्मक क्षेत्र के साथ जुड़े लोगो के लिए Personal Branding विशेष जरूरी है, Personal Brand स्थापित करके आप खुद को दूसरों से अलग साबित कर सकते हो।

Personal Branding क्यों है अनिवार्य?

Personal Branding केवल ऐसे लोगो के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं, जो कही शिक्षा ले रहे हो, नोकरी या व्यवसाय कर रहे हो। वर्किंग प्रोफेशनल्स के साथ साथ होम मेकर्स, युवान, और दूसरे लोगो के लिए भी इतना ही जरूरी है। कई सारी महिलाएं पूरा दिन घर के कामों में व्यस्त रहती है, फिर भी हर दूसरे दिन प्रश्न होता है की तुम पूरा दिन घर में क्या करती हो? घर को संभालना एक मात्र दायित्व ही नही, पर होम मेकिंग की कला भी है। जो महिला रसोई कला, ब्यूटी ट्रीटमेंट, इंटीरियर डिजाइनिंग, लेखन जैसे कार्यों में निपुण होती है उन लोगो के लिए भी पर्सनल ब्रांडिंग उतना ही जरूरी है जितना दूसरे व्यवसाय को जरूरी होता है।

युवानों को भी जो संगीत, गीत, नृत्य, ड्रोइंग, लेखन, वांचन या कोई भी एक्स्ट्रा एक्टिविटीज में संलग्न हो तो वोह सामाजिक कार्यक्रमों में अपनी कला, हुनर का प्रदर्शन कर सकता है। परिवार के लोगो पर निर्भर रहने के बदले खुद ही अपना ब्रांड एम्बेसडर बनके आगे बढ़ना चाहिए। क्योंकि आपकी प्राथमिकताए, महत्वकांक्षाए ओर खूबियों को आपके सिवा उत्तम रीत में कोई और नहीं जानता है।

Personal Branding की प्रचार पद्धति

  • सेल्फ ब्रांडिंग के लिए विवेक, धैर्य और अथाक प्रयासों की जरूर है। ऐसा न सोचे की पहेलीबार में ही लोग आपके उत्कृष्ट कार्य को स्वीकार लेंगे। कई बार खुदको प्रदर्शित करने में महीनो, सालो लग सकते है। ऐसे वक्त में उदास होने के बदले अपने लक्ष्य प्रति कार्यरत रहे। आपका काम उसकी पहेचान अवश्य ढूंढ लेगा।
  • सेल्फ ब्रांडिंग तब ही कर सकोगे जब आप आपके क्षेत्र संबधित लोगो के साथ संपर्क बढ़ाओगे। लोगो को जानने के साथ साथ आपकी खुद की पहेचान भी बढ़ाओ।
  • सीखने की आदत बढ़ाए, अपने क्षेत्र में हो रहे परिवर्तन का स्वीकार करते रहने के साथ साथ आगे बढ़ने का प्रयास करे।
  • सार्वजनिक सभाएं, मेलावड़ा या सोशियल मीडिया के द्वारा Personal Branding करना आसान है।
  • अपना खुद का "ब्रांड मंत्र" बनाए। अर्थात लोगो के साथ अपनी पहेचान स्पष्ट करे। उसको बताए के आप क्या कर रहे हो और किस बाबत के लिए प्रसिद्धि प्राप्त करना चाहते हो।
  • छोटी बड़ी सफलता का प्रचार खुद ही करे। साथ ही मदद करने वाले का श्रेय अवश्य उन लोगो को देना है। अपना Personal Branding मजबूत बनेगा तो धीरे धीरे मित्र, सहकर्मी, सगे, पड़ोसी और अन्य लोग भी आपके काम की चर्चा करने लगेंगे। तो फिर बन जाव अपने काम के खुद Brand Ambassador और करने लग जाओ खुद की मतलब Personal Branding और सेल्फ ब्रांडिंग।

निष्कर्ष

हेलो दोस्तो आज हमने इस लेख में self branding, personal branding kya hai? पर्सनल ब्रांडिंग क्यों जरूरी है, self branding प्रचार पद्धति, सेल्फ ब्रांडिंग की ऑनलाइन रीत और इसकी जरूरियातो के बारेमे जाना। आशा करता हु ये लेख आपको पसंद आया होगा। इसके साथ ही आप सभी लोगो से एक गुजारिश है की ये लेख से आपको अच्छी जानकारी मिली हो तो इस लेख को अपने साथियों के साथ जरूर शेर करे धन्यवाद।

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